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History

वड़वानल – 09

By Charumati Ramdas / July 19, 2020

  लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास गुरु की ड्यूटी कोस्टल कॉमन नेट पर थी । ट्रैफिक ज़्यादा नहीं था । कॉल साइन ट्रान्समिट हो रही थी । पिछले चौबीस घण्टों में पीठ जमीन पर नहीं टेक पाया था । कल दोपहर को चार से आठ बजे की ड्यूटी खत्म करके जैसे ही…

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वड़वानल – 08

By Charumati Ramdas / July 18, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   ऑपरेशन रूम में गुरु के साथ यू–एस– नेवी का मायकेल भी ड्यूटी पर था । इस छोटे–से कमरे में विशाल देश के भिन्न–भिन्न मोर्चों से संदेश आ रहे थे । वैसे ट्रैफिक ज्यादा नहीं था । गोरा–गोरा, तीखे नाक–नक्श वाला, दुबला–पतला, मायकेल साफ–हृदय का था ।…

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वड़वानल – 07

By Charumati Ramdas / July 17, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास निवेदक कह रहा था, ‘‘कल प्रेस कॉन्फ्रेन्स में नेताजी ने घोषणा की कि ब्रिटिश साम्राज्य     के     जुए     से     आजाद     हुआ     पहला     हिन्दुस्तानी     भू–भाग     है     शहीद     द्वीप–अण्डमान, इम्फाल  पर  किये  जा  रहे  हमलों  में  आज़ाद  हिन्द  सेना  की  गाँधी  ब्रिगेड  सम्मिलित हुई   है ।’’ नेताजी  के  मतानुसार  हिन्दुस्तान …

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वड़वानल – 06

By Charumati Ramdas / July 17, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास 6. कलकत्ता में वातावरण सुलग रहा था । दीवारें क्रान्ति का आह्वान करने वाले पोस्टरों से सजी थीं । ये पोस्टर्स नेताजी द्वारा किया गया आह्वान ही थे । ‘‘गुलामी का जीवन सबसे बड़ा अभिशाप है । अन्याय और असत्य से समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है…

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वड़वानल – 05

By Charumati Ramdas / July 16, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   ”Come on you punks, out with mugs” पाव के टुकड़े बाँटने आया गोरा अधिकारी डिब्बे के सामने खड़ा होकर चिल्ला रहा था । रातभर के भूखे सैनिक अपने–अपने मग्ज़ लेकर डिब्बे से बाहर आए । ”You greedy fools, get back, Come in Que! Every body will…

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वड़वानल -04

By Charumati Ramdas / July 15, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   4.   भरे–पूरे, सुदृढ़ शरीर का यादव गुरु से दो–एक साल बड़ा था और सीनियर था । गुरु स्वभाव से आक्रामक प्रवृत्ति का था । वेंदुरथी पर छोटे–से आक्रामक गुट का वह नेता भी था । ‘‘हिन्दुस्तानी सैनिक ब्रिटिश सैनिकों से किस बात में कम हैं…

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वड़वानल – 03

By Charumati Ramdas / July 14, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   उस    दिन    गुरु    ने    मुम्बई    बेस    से    आए    हुए    दो    सन्देश    देखे    और    उसका    माथा    ठनका। पहला   सन्देश   था – ”Ten officers arriving by Bombay Central Mail. Request arrange reception.” दूसरा    सन्देश    था – ”Five Ratings despatched by train.” ‘कहते हैं Ratings Despatched –  अरे     डिस्पैच    …

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वड़वानल – 02

By Charumati Ramdas / July 12, 2020

लेखक: राजगुरू द. आगरकर अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   जहाज़  पर उन्हें तीन पंक्तियों में खड़ा किया गया । उनके साथ आए हुए पेट्टी अफसर ने उन्हें जहाज़  के पेट्टी अफसर के हवाले किया । हाथ की छड़ी मार–मारकर   हरेक   की   नाप   ली   गई ।   गुरु   के   मन   में   सन्देह   उठा,   ‘‘हम   सैनिक हैं या  …

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वड़वानल – 01

By Charumati Ramdas / July 11, 2020

लेखक: राजगुरु दतात्रेय आगरकर ; अनुवाद : आ. चारुमति रामदास ऐसा कितने साल चलेगा ? जनवरी का महीना खत्म होते–होते वह अभी भी बेचैन हो जाता है और फिर पूरे महीने वह ऐसे रहता है मानो पूरी तरह विध्वस्त हो चुका हो । सदा चमकती आँखों की आभा और मुख पर विद्यमान तेज लुप्त हो…

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वड़वानल

By Charumati Ramdas / July 11, 2020

सन् 1946 के नौसैनिकों के विद्रोह पर आधारित उपन्यास वडवानल लेखक राजगुरू दत्तात्रेय आगरकर हिंदी अनुवाद आ. चारुमति रामदास अनुवादिका का प्रतिवेदन पिछले वर्ष मार्च में प्रो. आगरकर जी ने फोन पर मुझसे पूछा कि क्या मैं नौसेना विद्रोह पर आधारित उनके उपन्यास ‘वड़वानल’ का हिन्दी में अनुवाद कर सकूँगी ? प्रो. आगरकर से मेरा ज़रा–सा भी परिचय नहीं था…

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