Sign Up    /    Login

Charumati Ramdas

My e-book for kids

By Charumati Ramdas / April 19, 2021

Hello, Friends, My e-book containing translations of a few Russian stories for kids  is recently published . Please share the link with the Hindi readers who have children’grandchildren at home. Here’s the link: Please go to amazon.in Type charumati Ramdas in the SEARCH. among other books, you will see आओ कहानी सुनें – 1  

Read More

Controversy Around ‘Dr. Zhivago’

By Charumati Ramdas / April 19, 2021

    Controversy around ‘Dr. Zhivago’   A.Charumati Ramdas     In the history of Russian literature, perhaps no literary work and its author became more controversial than Boris Leonidovich Pasternak and his novel Dr Zhivago. Pasternak was awarded the Nobel Prize for 1958 “for outstanding achievement in modern lyrical poetry and in the field of…

Read More

सिर्योझा – 17

By Charumati Ramdas / March 14, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास प्रस्थान का दिन जाने का दिन आ गया. एक उदास दिन. बगैर सूरज का, बगैर बर्फ़ का. बर्फ़ तो ज़मीन पर रात भर में पिघल गई, सिर्फ़ उसकी पतली सतह छतों पर पड़ी थी. भूरा आसमान. पानी के डबरे. कहाँ की स्लेज : आंगन में निकलना भी जान…

Read More

सिर्योझा – 16

By Charumati Ramdas / March 11, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   प्रस्थान से पूर्व की रात   कुछ अनजान आदमी आए, डाईनिंग हॉल और मम्मा के कमरे का फ़र्नीचर हटाया और उसे टाट में बांध दिया. मम्मा ने परदे और लैम्प के कवर हटाए, और दीवारों से तस्वीरें निकालीं. और कमरे में सब कुछ बड़ा बिखरा बिखरा, बेतरतीब…

Read More

सिर्योझा – 15

By Charumati Ramdas / March 8, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास खल्मागोरी   खल्मागोरी. मम्मा से करस्तिल्योव  की बातचीत में यह शब्द सिर्योझा अक्सर सुनता है. “ तुमने खल्मागोरी में ख़त लिखा?” “शायद खल्मागोरी में इतना व्यस्त नहीं रहूँगा, तब मैं राजनीतिक-अर्थशास्त्र की परीक्षा पास कर लूँगा.” “मुझे खल्मागोरी से जवाब आया है. लड़कियों के स्कूल में नौकरी दे…

Read More

सिर्योझा – 14

By Charumati Ramdas / March 1, 2021

लेखिका : वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   बेचैनी   फिर से बीमारी!  इस बार तो बिना किसी कारण के टॉन्सिल्स हो गए. फिर डॉक्टर ने कहा, “छोटी छोटी गिल्टियाँ,” और उसे सताने के नए तरीके ढूँढ़ निकाले – कॉडलिवर ऑईल और कम्प्रेस. और बुखार नापने के लिए भी कहा. कम्प्रेस में क्या करते…

Read More

Mystery of The Missing Mom

By Charumati Ramdas / February 24, 2021

A.Charumati Ramdas The child was not crying, but there was bewilderment on his face. A smart elderly lady was taking care of him. Another boy, with exactly similar features, but with a sober and serious expression on his face was seated on the chair next to him. A middle aged person, again with the same…

Read More

सिर्योझा – 13

By Charumati Ramdas / February 23, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास अध्याय 13   समझ से परे   आख़िर सिर्योझा को बिस्तर से उठने की इजाज़त मिल गई, और फिर घूमने फिरने की भी. मगर घर से दूर जाने की और पड़ोसियों के घर जाने की इजाज़त नहीं थी : डरते हैं कि कहीं फिर उसके साथ कुछ और…

Read More

सिर्योझा – 12

By Charumati Ramdas / February 17, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास वास्का के मामा से पहचान होने के परिणाम   कालीनिन और दाल्न्याया रास्तों के बीच ख़ुफ़िया संबंध बन रहे हैं. चर्चाएँ हो रही हैं. शूरिक यहाँ-वहाँ जाता है, भागदौड़ करता है और सिर्योझा को ख़बर देता है. ख़यालों में डूबा, अपने साँवले, माँसल पैरों से वह उतावलेपन से…

Read More

सिर्योझा – 11

By Charumati Ramdas / February 9, 2021

लेखिका: वेरा पनोवा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   वास्का और उसके मामा   वास्का के एक मामा हैं. लीदा ज़रूर कहती कि यह सब झूठ है, कोई मामा-वामा नहीं है, मगर उसे अपना मुँह बन्द रखना पड़ेगा : मामा हैं; ये है उनकी फोटो – शेल्फ पर, लाल बुरादे से भरे दो गुलदस्तों के बीच…

Read More