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Charumati Ramdas

कुत्ता दिल (एक अंश)

By Charumati Ramdas / January 11, 2022

अध्याय – 2 लेखक: मिखाइल बुल्गाकव अनुवाद: आ. चारुमति रामदास   पढ़ना सीखने की बिल्कुल कोई ज़रूरत नहीं है, जब वैसे भी एक मील दूर से माँस  की ख़ुशबू आती है. वैसे भी (अगर आप मॉस्को में रहते हैं और आपके सिर में थोड़ा-सा भी दिमाग़ है), आप चाहे-अनचाहे बिना किसी कोर्स के पढ़ना सीख…

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बर्फ का साण्ड

By Charumati Ramdas / December 16, 2021

बर्फ़ का साण्ड‌   गाँव, जाड़ों की रात, एक बजे दूर के कमरों से अध्ययन-कक्ष तक बच्चे के कातर रोने की आवाज़ सुनाई दे रही है. ड्योढ़ी, दालान और गाँव सब कुछ काफ़ी देर से सो रहा है. नहीं सो रहा है सिर्फ खुश्योव. वह बैठकर पढ़ रहा है. कभी-कभी अपनी थकी हुई आँखें मोमबत्ती…

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The Fateful Eggs

By Charumati Ramdas / November 16, 2021

The Fateful Eggs: A Lesson for Posterity A. Charumati Ramdas     “Manuscripts don’t burn”, says one of the characters in M. Bulgakov’s novel “Master and Margarita”. That refers not only to the physical existence of the manuscripts, but the matter contained in them – their content, their soul. So far as Bulgakov’s works are…

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घर में

By Charumati Ramdas / September 15, 2021

लेखक: अंतोन चेखव अनुवाद: आ. चारुमति रामदास घर में       “ग्रिगोरेवों के यहाँ से किसी किताब के लिए आए थे, मगर मैंने कह दिया कि आप घर में नहीं हैं. पोस्टमैन अख़बार और दो चिट्ठियाँ दे गया है. वो, येव्गेनी पेत्रोविच, मैं आपसे कहना चाह रही थी कि कृपया सिर्योझा पर ध्यान दें.…

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उद्यान के मालिक

By Charumati Ramdas / June 18, 2021

लेखक: सिर्गेइ नोसव अनुवाद: आ. चारुमति रामदास उद्यान के मालिक “और, ऐसा लगता है कि कल ही शाम को मैं इन कुंजों में टहल रहा था…”   रात, गर्माहट भरी, श्वेत रात नहीं, अगस्त वाली रात. आख़िरी (शायद, आख़िरी) ट्राम. हम खाली कम्पार्टमेंट से बाहर आते हैं, सुनसान सादोवाया पर चल पड़ते हैं, हम दोनों…

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Seryojha on Kindle

By Charumati Ramdas / June 11, 2021

Hello, Friends! Glad to inform that my translation of Vera Panova’s novel -‘Seryojha’ is now on amazon.in as a kindle book. Please have a look: Please go to amazon.in and search for Charumati Ramdas Have a nice Day!  

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अलेक्सांद्र पूश्किन की दो कविताएँ

By Charumati Ramdas / May 31, 2021

1,   तुम और आप खोखले ‘आप’को हार्दिक ‘तुम’ से बिना कुछ कहे बदल दिया उसने और सारे ख़ुशनुमा सपने प्यार भरी मेरी रूह में जगा दिये उसने. सोच में डूबा खड़ा हूँ उसके सामने, उससे नज़रे हटाने का नहीं है साहस; और कहता हूँ उससे: कितनी प्यारी हो तुम! और सोचता हूँ: कितना प्यार…

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प्रार्थना गीत

By Charumati Ramdas / May 21, 2021

  लेखक: मिखाइल बुल्गाकव अनुवाद: आ.चारुमति रामदास   पहले तो ऐसा लगा जैसे कोई चूहा दरवाज़ा खुरच रहा हो. मगर एक बड़ी शराफ़त भरी मानवीय आवाज़ सुनाई दी: “अन्दर आ सकता हूँ?” “बिल्कुल, आइए.” दरवाज़े के कब्ज़े गाते हैं. “आ जा और दीवान पर बैठ जा!” (दरवाज़े से) – “और मैं लकदी के फल्स पर…

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My e-book for kids

By Charumati Ramdas / April 19, 2021

Hello, Friends, My e-book containing translations of a few Russian stories for kids  is recently published . Please share the link with the Hindi readers who have children’grandchildren at home. Here’s the link: Please go to amazon.in Type charumati Ramdas in the SEARCH. among other books, you will see आओ कहानी सुनें – 1  

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Controversy Around ‘Dr. Zhivago’

By Charumati Ramdas / April 19, 2021

    Controversy around ‘Dr. Zhivago’   A.Charumati Ramdas     In the history of Russian literature, perhaps no literary work and its author became more controversial than Boris Leonidovich Pasternak and his novel Dr Zhivago. Pasternak was awarded the Nobel Prize for 1958 “for outstanding achievement in modern lyrical poetry and in the field of…

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